Wednesday, May 1, 2013

maa archana

                      जय माँ दुर्गे ,जय माँ काली ,दर्शन दो माँ शेराँ  वाली ।

  • हम बालक तेरे अज्ञानी ,पूजा अर्चन माँ कछु नहीं जानी ,मार्ग दिखा दो आके भवानी ,तुम्ही मेरी गति हो , तुम्हीं माँ भवानी ॥ 
  • बहुत सुना था नाम तुम्हारा इसीलिए है तुम्हें पुकारा  ,रक्षा करो माँ मातु भवानी ,तुम्हीं मेरी गति हो तुम्हीं माँ भवानी ॥ 
  • तुम्हीं एक आश्रय ,तुम्हीं एक संबल ,तुम्हारी दुहाई ,तुम्हें छोड़कर मैं और किसको पुकारूँ तुम्ही मेरी गति हो तुम्हीं माँ भवानी ॥ 

                    माँ की ये अर्चना मानसिक और शारीरिक बल प्रदान करता है  

No comments:

Post a Comment