Sunday, August 11, 2013

ganesh vandana

 

                                 गजानन कर दो बेड़ा पार ,आज हम तुम्हें बुलाते हैं । 

              तुम्हें मनाते हैं गजानन ,तुम्हें मानते हैं ॥-


  1. सबसे पहले तुम्हें मनावें ,सभा बीच में तुम्हें बुलावें । गणपति आन पधारो ,हम तो तुम्हें मनाते हैं ।। 
     २. आओ पार्वती के लाला , मूषक वाहन सुंड -सुन्डाला । जपें तुम्हारे नाम की माला ,ध्यान लगाते हैं ॥

     ३. उमापति शंकर के प्यारे ,तू भक्तों के काज सँवारे । बड़े-बड़े पापी तारे ,जो शरण में आते हैं ॥

     ४. लड्डू पेड़ा भोग लगावें ,पान सुपारी पुष्प चढ़ावें । हाथ जोड़ के करें वंदना ,शीश झुकाते हैं ॥

     ५. सब भक्तों ने टेर लगायी , सब ने मिलकर महिमा गाई । रिद्धि -सिद्धि संग ले आओ ,हम भोग लगते हैं ॥ 

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