Thursday, August 15, 2013

prarthana

  ऐसी कृपा करो भगवान् ,हरदम रहे तुम्हारा ध्यान।
 ऐसा दे दो द्रढ़ विश्वास ,आपको समझें अपने पास ।। 
 
करें तुम्हारा ही गुणगान , ऐसी कृपा करो भगवान्।
 सुख में आपको भूल न पाएं ,दुःख आने पर न घबराएं ।। 
 
सुख में दुःख में रहे समान  ऐसी कृपा कर भगवान्।  
करें जगत के सारे धन्दे  ,पर धंधों के पड़े न फंदे ।। 
 
जीवन होवे कमल समान ,ऐसी कृपा करो भगवान्
हर इक से हम करें भलाई ,किसी के साथ न करें बुराई ॥ 
 
ऐसे नेक बने इंसान ,ऐसी कृपा करो भगवान् ।
दयावान और परोपकारी ,सब के बन जायें हितकारी ।। 
 
सारे जग का चाहें कल्याण ,ऐसी कृपा करो भगवान्।
 गुण अपनाएं अवगुण छोड़ें ,झूठ ,कपट चल से मुख मोड़ें। 
 
नम्र बनें तज कर अभिमान ,ऐसी कृपा करो भगवन। 
हे जगदीश्वर अन्तर्यामी ,मिल कर हम सेवक हे स्वामी। 
 
मांग रहे तुम से वरदान ,सब को सुमति करो प्रदान। 
ऐसी कृपा करो भगवान् ।। 
 

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